Post Thread Post Reply
Thread Rating:
  • 0 Votes - 0 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
जेठालाल और दयाबेन की असफल गांड-चुदाई - तारक-महेता का उल्टा चश्मा
08-19-2012, 10:10 PM
Post: #1
जेठालाल और दयाबेन की असफल गांड-चुदाई - तारक-महेता का उल्टा चश्मा
लोकेशन: अब्दुल की सोडा-शॉप

रात के नौ बजे है, गोकुलधाम सोसायटी के सारे मर्द खड़े है. बातों ही बातों में सेक्स की बात निकलती है.

अय्यर: यस महेतासाब I also do anal sex with Babita regularly. And she also enjoys it.
महेता: Oh yes same case here between me and Anjali.
जेठा को कुछ अंग्रेजी समज नही आ रहा.

जेठालाल: कृपया हिंदी में बात कीजिए, हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है.
महेता: ओह हाँ हाँ..जेठालाल, अय्यर ये बोल रहा है की वो बबिताजी के साथ नियमित रूप से एनल-सेक्स करता है और बबिताजी उसे इंजॉय भी करती है. तो मैने बोला, की मेरा और अंजली का भी ये ही केस है.
जेठा: एंजल-सेक्स मतलब ?
महेता: एंजल-सेक्स नही भाई एनल-सेक्स माने गुदामैथुन
जेठा: मतलब
अब्दुल: अरे जेठाभाई गांडमराई की बात चल रही है!

ये सुन के जेठालाल के तो सर से पैर तक जेसे २२० वोल्ट का करंट लगता है. क्योकि आजतक दयाबेन ने कभी उसे गांड को टच भी करने नही दिया, और ये अय्यर स्वर्ग की अप्सरा बबिताजी की नियमित गांड चुदाई करता है??? ये सोच के ही जेठा के तो पुरे बदन में आग लग जाती है.

हाथी: ये तो गलत बात है. कोमल के तो कुल्ले इतने मोटे है मेरे लंड गांड तो क्या, गांड के छेद तक भी नही पहोंच पाता अब्दुल अब मेरा गम मिटाने के लिए एक सोडा ओर बनाओ.

सोढ़ी: इस मामले में रोशन एंड रोशन की कम्पनी में कोई टेंशन नही है जी! मै और रोशन भी भरपूर एनल-सेक्स करते है. महीने में कम से कम तीन-चार बार जब अपनी गड्डी रोशन की गांड में पार्क करता ही हू.
भिडे: (कोलर को ऊँचा करके) और मै और माधवी भी नियमित रूप से गुदामैथुन का अप्रतिम आनंद उठाते है....और हमारे जमाने में तो ...

जेठालाल: भिडे तुम्हारे जमाने के सेक्स के रिती-रिवाजो के बारे में हम अलग से सेमिनार रखेंगे. ठीक है?

जेठालाल के टोकने पर भिडे नाराज हो जाता है, इसलिए जेठा पर व्यंग-बाण चलाता है.

भिडे: हाँ हाँ जरूर सेमिनार रखेंगे, लेकिन मुझे नही लगता तुम हिस्सा ले पाओगे, गांड-चुदाई तो दूर तुमने तो कभी मुख-मैथुन का मजा भी लिया हो ऐसा लगता नही!! तुम सेमिनार में आओगे तो जेसे गणित में कमजोर विद्यार्थी की तरह पिछली बेंच पे बेठे बेठे सो जाओगे!!

(भिडे की ये टिप्पणी बंदूक की गोली की तरह जेठा के आत्म-सम्मान को चीरती हुई निकल जाती है. घायल जेठा अपने आपको सेक्स में माहिर है ऐसा दिखाने हेतु डींगे हांकना शुरू करता है..)

जेठालाल: अरे चल जा जा...तू क्या जाने मेरे बेडरूम के जलवे? मै और दया ...हमलोग तो केवल गांड चुदाई ही करते है. आखरी बार टप्पू को पैदा करने वास्ते ही मेने उसकी चुत मारी थी. बाकी मै अपना लंड उसकी गांड के अलावा कहीं टच ही नही करता. और मै तो वेपारी आदमी हू तो क्या है की कंडोम, माला-डी या नसबंदी का खर्चा कोन ले, इसलिए हम तो देशी-गर्भनिरोधक उपाय ही आजमाते है-माने गांड-चुदाई: एक पैसे का खर्चा नही बोलो! और आज का नही मुझे तो बरसो से गांड चुदाई का अनुभव है. सालो पहेले जब गांव में मै पहेली बार चढा था तो गांड-चुदाई ही की थी, और गांव की आधे से ज्यादा लड़कियों और ओरतो की तो मैंने अपने इक्कीसवें जनमदिन से पहेले ही गांड मार ली थी. आज भी जब गांव जाता हू तो वो सब मुझे देख के शरमा जाती है, घर से बाहर नही निकलती. ऐसा रुआब है मेरा. पता है लोग मुझे गुजरात में किस नाम से बुलाते है? "जेठा ध बर्निंग ट्रेन" क्योंकी मेरा लंड 'बर्निंग ट्रेन' की तरह गांड जलाके रख दे, ऐसी कसकर चुदाई करता है.



मेहता: (जेठा के कान के पास आके एकदम धीमी आवाज में) बस जेठालाल कुछ ज्यादा हो रहा है.
भिडे: रहेने तो महेतासाब ये जेठालाल एक नम्बर का फेंकू है हम सब जानते है.
जेठालाल: मेरी एक एक बात सोलाह आने सच है.
भिडे: मै नही मानता.
सोढ़ी: और मै भी नही मानता. सोरी जेठा प्रा रबजी मुंह न खुलवाए लेकिन डींगे थोड़ी औकात में रहेके हांकनी चाहिए.


जेठालाल: सोढ़ी तू तो भिडे का खास दोस्त है, उसका ही पक्ष लेगा, और भिडे तो मै स्टेम्प पेपर पे लिख के दू, तब भी मेरी कोई बात नही मानेगा.
भिडे: नही स्टेम्पपेपर पे लिखके देने की कोई जरूरत नही, तुम बस एक बार साबित कर दो की तुमने दयाबेन की गांड मारी है. तो हम मान जाएंगे.
जेठा: हाँ तो आ जाना कल सुबह, और खुद दया के मुंह से सून लेना. (जेठा सोचता है, की क्योकि दया एक पतिव्रता नारी है इसलीए पति की इज्जत दांव पे लगी है, ऐसा बोल उसको मना लूँगा की जूठ-मुठ ही सोसायटी के मर्दों के सामने कबूले की वे गुदा-मैथुन करते है)

भिडे: अब दयाभाभी से क्या पूछना, वो तो तुम उन्हें पहेले से ही पट्टी पढा दोगे तो तुम्हारी हाँ में हाँ ही मिलाएगी न? अगर हिम्मत है तो एक अपनी बीवी के साथ, दोनों का चहेरा दीखता हो ऐसा गांड-चुदाई का MMS बनाओ, फिर हम लोग मानेंगे और तुम्हे गांड-चुदाई के सरताज का ख़िताब देंगे, तुम्हारी शोभायात्रा पूरे मुम्बई में निकालेंगे. आये बड़े 'जेठा ध बर्निंग ट्रेन' ..हमको क्या जोनपुर से आयेला समजा है?

जेठालाल का पूरा बदन गुस्से से तप रहा है. एक तो अय्यर बबिताजी की गांड मारता है वो दर्द उपर से भिडे मास्टर के ये व्यंग बाण. अपने दिमाग पे काबू नही रहा, जेठा तिलमिला के बोल उठता है,

जेठालाल: ठीक है....आज गोकुलधाम सोसायटी के सभी मर्दों के सामने मै जेठालाल चम्पकलाल घड़ा, ये चेलेंज कुबूल करता हू की मै अपनी बीवी दया जेठालाल घड़ा की गांड मराई का MMS बनाऊंगा, आप सबको दिखाऊंगा.
फिर जेठा पैर पटक कर, बिना सोडा खत्म किये, अब्दुल की दूकान से चला जाता है.

Find all posts by this user
Quote this message in a reply
08-19-2012, 10:11 PM
Post: #2
RE: जेठालाल और दयाबेन की असफल गांड-चुदाई - तारक-महेता का उल्टा चश्मा
लोकेशन: जेठालाल का बेडरूम
जेठालाल: दया, मै कोन हू?
दयाबेन: आप टप्पू के पापा हो.
जेठालाल: उसके अलावा?
दयाबेन: आप मेरे पति हो!

जेठालाल: नही मै तुम्हारा पति नही पति-परमेश्वर हू. और आज ये पति-परमेश्वर हुक्म करता है, की तुम उसे अपनी गांड मारने दो.

दयाबेन: हें माँ, माताजी, आप मुझे केसे धर्मसंकट में डाल रहे है. गुदा-मैथुन प्रकृति के नियमों के विरुध्ध है. जानवर भी नही करते ऐसा तो, और आप..आप टप्पू के पापा मेरे पति-परमेश्वर होके भी ऐसा पाप करने की बात कर रहे हो.


जेठालाल: ये सब पूरानी दकियानूसी बाते है दया. आज जमाना कितना बदल गया है. अरे सब पढे-लिखे लोग ऐसा ही करते है. उसको क्या बोलते है...हाँ 'एंजल सेक्स' करते है. और बिना एंजल सेक्स के पति-पत्नी का मिलन अधूरा है...हाँ सच्ची, अभी सोडा की दूकान पे अय्यर और महेतासाब ने खुद बोला, वे भी एसा ही करते है और बबिताजी और अंजलीभाभी को बड़ा मजा भी आता है. चलो न प्लीज़ हम भी ट्राय मारते है.


दयाबेन: तो कोई खड्डे में गिरे तो हमे भी खड्डे में गिरना चाहिए? वो सब ऐसा पाप करके नर्क में जांएगे तो क्या हमे भी वहाँ जाना चाहिए?


जेठालाल: अरे तू क्या नॉनसेन्स बात कर रही है...दया, जब मियाँ बीवी राजी तो क्या करेगा काजी. हम दोनों को आपस में जो करना है वो कर सकते है, इस में धर्म-अधर्म, पाप-पुण्य बिच में क्यों लाती हो. चलो न बस एकबार, ट्राय तो करे. तुमको मजा आएगा.
दयाबेन: नही नही, अमदावाद में मेरी माँ को पता चलेगा तो वो क्या सोचेगी?
जेठालाल: क्या? सासुमा को केसे पता चलेगा.
दयाबेन: क्यों की मै अपने वैवाहिक जीवन की कोई भी बात माँ से नही छिपाती..क्योकि वो माँ है!!
जेठा (मन में) हें राम ये किस बला से शादी कर ली.
जेठालाल: दया, देख अगर तू आज-अभी-इसी वक्त मेरे साथ गांड चुदाई नही करेगी तो तो...तो. मै कल से दिल्ली पे जंतर-मंतर या रामलीला मैदान- जहां भी पुलिस परमिशन देगी वहाँ पे आमरण-अनशन पे उतर जाऊँगा!
दया: हाँ तो कीजिए ना? आपको उपवास करने की बेहद जरूरत है, देखिये पूरा पेट बाहर आ गया है.थोड़े दिन उपवास करेंगे तो आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा.
जेठा सोचता है (मन में) बातों से दया को नही मना पाऊंगा. आइडिया...भोस-चुदाई की बहाना करके चढता हूँ और अचानक ही बिना चेतावनी दिए, अपना ये भचाऊ का 'भायडा' उसकी गांड में पेल दूंगा.

जेठा: ठीक है तू जीती बस. नही करते गांड चुदाई. लेकिन मुझे अब भोस-चुदाई तो करनी है, तू तो जानती है बिना चोदे मुझे नींद नही आती.
दया: हाँ हाँ तो कीजिए न, किसने मना किया है. आप जब चाहे, जहाँ चाहे, जेसे चाहे मेरी चुत मार सकते है, आपका हक बनता है.
दयाबेन अपनी पीठ के बल, बिस्तर पे लेट जाती है. साडी और घाघरा उपर करती है, पेंटी तो वो वैसे भी रोज रात को सोने से पहेले ही निकाल देती है ताकि जेठा का टाइम बर्बाद न हो और तुरंत अपनी टाँगे पसार देती है.
जेठा: (मन में) यदि ये पीठ के बल लेटेगी तो गुदा-प्रवेश करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. गुदा मैथुन के लिए तो कुतिया-स्टाइल ही सबसे उपयुक्त और आसान रहेगी.
जेठा:नही दया, ये मिशनरी नही आज हम डोगी-स्टाइल में करते है.
दया: मतलब?
जेठा:मतलब तू कुत्तिया की तरह चार पैरों पे हो जा, मै कुत्ते की तरह उपर चढ़ जाता हू.
दया: है माँ - माताजी, आप ये क्या बोल रहे हो? हम इंसान से कुत्ते-कुत्ती बन जाएँ? आत्म-सम्मान जेसी चीज है की नही?
जेठा: ओफ्फो...दया तू संगम के राजेन्द्र कुमार की तरह सोचती बहोत है, करती कम है. ठीक है भाई कुत्ता कुत्ती नही बनते तो घोडा-घोड़ी तो बन सकते है न? उसमे तो कोई बुराई नही.
दया(थोडा सोच कर): हाँ घोडा-घोड़ी बनने में कोई बुराई नही.
दया पलंग पे अपने दो हाथ और दो घुटनों के बल, एक घोड़ी की माफक पोजिशन लेती है. और जेसे कोई नर पशु, मिलन से पहेले मादा को मुड में लाने के लिए, उसकी योनी पीछे से सूंघता-चाटता है, वैसे जेठालाल भी चार पैरों पे होके, पीछे से आकर दया की भोस सूंघने-चाटने लगते है.

दयाबेन: उई..माँ, टप्पू के पापा, जिस खूबी से आप जीभ चलाते है, अगर हमारे क्रिकेटर अपना बल्ला चलाते तो वर्ल्ड कप आठ साल पहेले ही जित गए होते!

जेठालाल: हाहाहा..मानती है न की ये जेठा की जीभ का कोई मुकाबला नही!!

दयाबेन: हाँ बाबा हाँ!

कुछ मिनटों तक ओर भोस-चटाई के बाद, दयाबेन स्खलित हो जाती है, लेकिन जेठालाल बखूबी जानते है, की हर चुदाई सेशन में दया कम से कम ४ ऑर्गेजम लिए बिना संतुष्ट नही होती, इसलिए ये तो केवल शुरुआती दस ओवर थी, अभी लम्बी पारी खेलनी होगी.

जेठालाल: सेठानीजी अब रेडी हो, ये मजदूर टेम्पो लेके आ रहा है आपके गोडाउन में!

दयाबेन: क्या टप्पू के पापा आप भी!

जेठालाल एक ही धक्के में पूरा टेम्पो चुत के अंदर जमा देता है, और फिर धीरे धीरे आगे पीछे कमर हिलाने लगता है.

जेठालाल (मन में) धीरे धीरे दया तैयार हो रही है, थोड़ी ओर मस्ती में आने दो, बाद में गांड में डालूँगा तो उसे मजा भी आएगा और विरोध भी न करेगी.
जेठालाल १०-१५ धक्के ओर लगाते है...अब दयाबेन के पूरे बदन में मस्ती छा रही है, शर्म-संकोच सब गायब हो गया, खुद ही अपनी कमर हिला के जेठा के लंड को वो आगे से धक्का दे रही है.

जेठालाल (मन में) हाँ अब लौहा गरम है, मार दो हथोड़ा!

जेठा अचानक से अपना लंड दया की मदमस्त चुत में से निकाल के गांड के छेद पे रख देता है, ओर कसकर धक्का देने की कोशिश करता है, लेकिन दयाबेन की गांड एक अक्षतकुँवारी कन्या की माफिक एक दम टाईट है, उसमे नटराज पेन्सिल बी मुश्किल से जा सकती है जेठालाल के मोटे लंड का कोई चांस ही नही.

दयाबेन: हाय राम..आप क्या कर रहे हो?

जेठालाल दया की बात को सुना-अनसुना करके, थोडा ओर जोर लगाते है. मुश्किल से शिन्श्नाग्र का आधा इंच ही अंदर जा पाता है... फिर की कोशिश अभी जारी है.

टप्पू के पापा..बाहर निकलिए अभी के अभी..

जेठालाल आगे मुड के अपने दोनों हांथो से दया की निपल्स मसलने लगता है, और कान के पास आके कहेता है....दया प्लीज़ एक बार करने दो ना!!

दयाबेन: नही टप्पू के पापा, मेरी माँ के संस्कार मुझे गुदा-मैथुन करने की अनुमति नही देते!

वो तुरंत जेठालाल को धक्का देकर एकतरफ हटा देती है और कसकर रजाई ओढकर सो जाती है. जेठालाल को लगता है गलती से बड़ा मिस्टेक हो गया, गांड-चुदाई एकतरफ इधर तो भोस-चुदाई का भी मौका चला जाएगा. वो वापस दया के पास आते है.

जेठालाल:दया..दया....सोरी मुझसे गलती हो गयी, बस बाबा अभी गांड-चुदाई के लिए नही कहूँगा कभी भी. प्लीज़ ..

जेठालाल दया के बदन से रजाई हठाने की कोशिश करते है. लेकिन दया पीठ फेर के दूसरी ओर सो जाती है.

जेठालाल: चल ना.....देख मेरा तो माल भी नही गिरा...काम तो पूरा कर लेने दे. आज से तुमको हो पसंद उसी तरह करेंगे बस!

लेकिन जेठा की मिन्नतो का कोई असर नही, दया कोई रिस्पोंस नही देती. जेठालाल अपनी किस्मत को कोसता सो जाता है.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
08-19-2012, 10:12 PM
Post: #3
RE: जेठालाल और दयाबेन की असफल गांड-चुदाई - तारक-महेता का उल्टा चश्मा
दुसरे दिन सुबह: डाइनिंग टेबल पे.

दया चाय रख के जाती है, जेठा उसका हाथ पकड़ लेता है...दया अभी भी नाराज हो, बोलाना सोरी, अभी पूरानी बाते भूल जाओ.

लेकिन दयाबेन अपना हाथ छुडवा के किचन में चली जाती है.

उसी शाम,

जेठालाल मनमे: अगर सोडा शॉप पे गया तो वापस भिडे की बाते सुननी होंगी की किधर है MMS. इसलिए अभी एकाध हफ्ता सोडा का उपवास रखना पडेगा.

दो दिन हो जाते है.

जेठा लाख कोशिश करता है, दया को मनाने की लेकिन दयाबेन तो मौनव्रत पर है.

चौथे दिन सुबह:

जेठालाल: ऐसे नही जी सकता, बिना चुदाई के मुझे तो नींद ही नही आती. क्या करू, केसे मनाऊ दया को? आइडिया, फायर ब्रिगेड महेता साहब.

लोकेशन : तारक महेता का घर

अंजली बाजार में करेले और लौकी की शोपिंग करने गयी है. तारक अकेला अकेला अपने लेपटोप में exbii.com पर वखारियाभाई रचित वेळअम्मा कोमिक्स का गुजराती संस्करण देखने में व्यस्त है.

तभी डोरबेल बजी---
मेहता: बोलो जेठालाल क्या मुसीबत आ पड़ी?

बेकग्राउंड म्यूजिक: जेठालाल पूरा किस्सा बयाँ करता है की केसे उसकी दया को बेवकूफ बनाके गांड-चुदाई करने की ट्रिक असफल रही और अब दया ने रुठ के बात तक करना छोड़ दिया है. और अब लाख मिन्नतो के बाद भी दयाबेन उन्हें माफ नही कर रही.

मेहता: ओफ्फो जेठालाल, इतनी सी बात, अरे भाई दयाबेन को मै अच्छी तरह से जानता हू, बड़ी मासूम और भोली है. चिंता मत करो, ज्यादा से ज्यादा दो हफ्ता....फिर वो तुम्हे माफ कर ही देंगी, और गाड़ी वापस पटरी पे आ जाएगी..
जेठालाल: लेकिन महेतासाहब तब तक मै सोऊ केसे? बिना चुदाई के मुझे नींद ही नही आती. आप नही मानोगे, पिछले ४ दिन से मै सोया ही नही.

महेता: तो यार सोने से पहेले, बाथरूम में जाके मुठ मार लो ना उसमे क्या है?
जेठालाल: वो भी करके देखा, लेकिन माल गिर ही नही रहा. मेरे लंड को हस्तमैथुन की आदत नही.
महेता: क्या? तुमने हमको भी जोनपुर से आएला समजा है? तुमको हस्तमैथुन की आदत नही? अरे मै दावे के साथ कहे सकता हू, तुम बबिताजी के नाम की मुठ हफ्ते में कमसे कम तीन बार तो मारते ही हो. आये बड़े संत जेठादास 'मुठ की आदत नही'!
जेठालाल: आपका अंदाजा गलत है.
मै मुठ नही मारता,
मै केवल दया की चुत मारता हू,
लेकिन हा, उस वक्त आँखे बंद करके कल्पना तो ये ही करता हू की वो बबिताजी ही है!!!!


महेता: हाँ तो जाके दया, I mean दया भाभी की मारो ना...
जेठालाल: अरे भाई ये ही तो टेंशन है, वो मारने ही नही दे रही.
महेता: यार मुझे confuse मत करो, तुम्हारा प्रॉब्लम क्या है?
A. मुठबाजी से माल नही गिर रहा, या
B. की दयाबेन दाव नही दे रही वो?

जेठालाल: कमाल है, अरे आपका ध्यान किधर है. देखिये क्या हुआ की....
(बेकग्राउंड म्युजिक के साथ जेठालाल फिर से पूरी स्टोरी विस्तार से समजता है)
महेता: ओह हम्म...यस...देखो जेठालाल, ये तो कोमनसेन्स की बात है, बीवी को नाराज करना किसी भी ठरकी बंदे के लिए नुकसान का धंधा है. वापस जाके जरा और दिल से, जरा और नरमी से, जरा और इमोशनल होके दयाभाभी से माफ़ी मांगो. वैसे भी वो तो बड़े नरम दिल की है, आसानी से तुमको माफ़ कर देंगी, और फिर अपना 'काम' तमाम कर लो.


जेठालाल: ठीक है आप बोलते है तो.

जेठालाल वापस घर जाता है, दया को फिर से मिन्नते करता है, माफ़ी मांगता है, sad romantic songs गाता है......कोई असर नही.

जेसे तेसे करके वो रात तो निकल जाती है, लेकिन अगले पन्द्रह दिनों तक दयाभाभी का मुंह चिढा का चिढा ही रहेता है, ना वो जेठिया से बात करती है, ना दाव देती है.

जेठालाल : हें भगवान, किस जनम का बदला ले रहे हो. महेतासाहब ने तो बोला था, दो हफ्ते में दया गुस्सा थूंक देगी इधर पन्द्रह दिन होने आये.. वापस फायर-ब्रिगेड को कंसल्ट करता हू.
महेता: आओ जेठालाल इस बार क्या हुआ भाई?
जेठालाल: वो अभी पहेले वाला प्रॉब्लम सोल्व ही नही हुआ. दया अभी भी दाव नही दे रही. वैसे कभी आपके और अंजलीभाभी के बिच ऐसा हुआ है क्या?
महेता: अंजली....अरे उसको केवल शक भी हो जाए न की मैंने ऑफिस में कुछ चटकीला-मसालेदार खाया है, तो भी दाव नही देती बोलो. और ऐसा शक तो उसे महीने के २० दिन रोज शाम को होता है!!! इसलिए ये लेखक केवल कलम का नही मुठबाजी का भी बेताज-बादशाह है.
जेठालाल: क्यों उस दिन तो अय्यर के सामने बड़ी फेंक रहे थे की मै और अंजली भी 'एंजल सेक्स' इंजॉय करते है!?
महेता: जेठालाल वो एनल-सेक्स की बात बिलकुल सच्ची है, लेकिन हम लोग सेक्स बहोत कम ही बार करते है, ये बात भी उतनी ही सच्ची है.
जेठालाल: खेर आप केसे मनाते हो अंजलीभाभी को?
महेता: अरे भाई मेने तो केस ही छोड़ दिया है. कमसे कम चार घंटे मिन्नते करो तब जाके वो महारानी पन्द्र मिनट हाथ लगाने देती है, अब रोज-रोज कोन इतनी मिन्नते करे, मै तो ऐसे ही सो जाता हू. तुम्हे क्या बताऊं में, मेरे लंड एक धधकता ज्वालामुखी है, और उसे ठंडा कर सके .....
जेठालाल: ठीक है ठीक है, मै समज गया, मै तो अपनी रामायण ले के आया था, आपने तो अपनी महाभारत शुरू कर दी. अरे भाई हमारा प्रॉब्लम सोल्व कीजिए, कोई उपाय बताइए मुनिवर!!
महेता: मेरे केस में तो जब अंजली का सेक्स का मुड होता है, वो अपने आप पुराने गिलेशिक्वे भुला के चली आती है और मुजसे लिपट जाती है.
जेठालाल: लेकिन दया तो पिछले पन्द्रह दिनों से मुझे हाथ भी नही लगाया, वैसे तो वो बड़ी चुदासी है, मेरी तरह वो भी एक दिन से ज्यादा अनचुदे रहे नही सकती, मै भी ये देख के हैरान हू वो पन्द्रह दिनों तक बिना चुदाई के केसे रहे पाई ...जरूर छिप छिप के ऊँगली डालती होगी या फिर केला या फिर बेंगन.
महेता: बेंगन से याद आया, बड़े दिनों से बेंगन का भरथा खाने की इच्छा हो रही है, चलों वो गुजराती लोज में आज..
जेठालाल: महेतासाहब मेरी पोब्लेम सोल्व कीजिए, वादा करता हू, बेंगन का भरथा क्या, पुरे बत्तीस पकवान खिलाऊंगा.
महेता: सच बोलू जेठालाल, ये रूठी बीवी दाव नही देती: ये तो 'कहानी घर घर की है" तुम एक काम करो, तुम आत्माराम से मिलो. ऐसे केस में वो क्या करता है उसे पूछो.
जेठालाल: नही नही, मेरा भिडे का छत्तीस का आंकड़ा है. मै जाऊँगा तो पहेले बोलेगा MMS क्लिप दिखाओ. उसी के कारण तो ये सारी बवाल हुई है. और वैसे भी भिडे तो एक नम्बर का भोस-चटोरा है. पूरा दिन माधवीभाभी की सेवा में लगा रहेता है, मुझे नही लगता माधवीभाभी कभी भी उस से नाराज हुई होंगी.

महेता: हाँ ये भी सोचनेवाली बात है, तो एक काम करो-रोशनसिंह सोढ़ी को मिलो. उसकी भी पार्टी-शार्टी की आदतों के कारण, आयेदिन रोशनभाभी उसको चोदने नही देती होगी, वो क्या ट्रिक लगाता है, तुम उसी से जान के आओ.
जेठालाल: ओके. आज दुकान जाते वक्त, उसके गेरेज से होके जाऊँगा.
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
08-19-2012, 10:12 PM
Post: #4
RE: जेठालाल और दयाबेन की असफल गांड-चुदाई - तारक-महेता का उल्टा चश्मा
जेठालाल, सोढ़ी के गेरेज में
सोढ़ी: आओ जी आओ. बड़े दिनों बाद हमारी याद आई. ओय बिल्लू दो चाय बोलके आ.
जेठालाल: नही चाय बाय की जफा मत करो, मै एक खास काम से आया हू.
सोढ़ी: ओ हुक्म करो मालिक, जान हाजिर है.
बेकग्राउंड म्यूजिक: जेठालाल पूरी कहानी विस्तार से बताता है, सोढ़ी सर हिलाता है, जेठा अपना मुंह

सोढ़ी:ओह्हो ओजी ये बात है.
जेठालाल: हाँ तो बोल क्या इलाज है.
सोढ़ी: अब यारो से क्या छिपाना. ये मेरी वोट्टी रोशन...उसकी खासमखास सहेली शर्ली रहेती है अमरीका. और वहाँ से वो रोशन को एक से एक लाजवाब डिल्डो, वायब्रेटर और न जाने कितने उलजुलूल सेक्स टॉय, गिफ्ट में आये दिन भेजती रहेती है. ओ सच बोलू, रोशन को मेरे बेडरूम में होने न होने से कोई फर्क नही पड़ता. वो तो आखिर मेरे को ही मिन्नते कर कर के, कान पकड़ पकड़ माफ़ी मांगनी पड़ती है, तब जाके रोशन मेंन्नू लिप्टम-चिप्टम करने देती है.
जेठालाल: माफ़ी और मिन्नते तो मेने भी दया को बहोत की, लेकिन कोई असर नही.

जेठा उदास चहेरे के साथ दूकान जाता है, नटुकाका देख के ही भांप जाते है की मामला गडबड है.

लोकेशन: घड़ा इलेक्ट्रनिकस


नटुकाका: सेठजी is there anything wrong? why are you so sad?
जेठा: हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, कृपया हिंदी का प्रयोग करे.
नटुकाका: सेठजी, कोई टेंशन है क्या? आप इतने उदास क्यों है?

बेकग्राउंड म्यूजिक: जेठालाल पूरी कहानी विस्तार से बताता है, नटुकाका अपना सर हिलाते है, जेठा अपना मुंह

जेठा: बोलो ऐसा हुआ.
नटुकाका: मेरे साथ तो ऐसा टेंशन ही नही!!
जेठा: क्यों?
नटुकाका: क्योंकी मेरी बीवी मंगला तो गुजरात में वापी के पास आये उन्धाई गांव में रहेती है. और मै इधर. झगड़ा तो तब होगा न जब मियाँ-बीवी एक ही छत के नीचे रहेते हो!
जेठालाल: तो फिर, महीने में कितनी बार मुठ मारते है आप नटुकाका?
नटुकाका: वैसे तो मैने कमाठीपुरा में एक शबनम बाई के यहाँ अपना monthly account खुलवा दिया है. फिर भी हमारी पद्मावती भोजनालय की मालकिन पद्माबेन के नाम की मुठ, महीने में ५-६ बार मार ही लेता हू.

जेठालाल: monthly account मतलब?
नटुकाका: मतलब मै किसी रोज भी जाके चढ़ सकता हू, रोज रोज अलग से पेमेंट नही देना, पगार की तारीख पे एक साथ हिसाब करते है.
जेठालाल: कितना खर्चा
नटुकाका: ३०० रूपये.
जेठालाल: बस? केवल तिनसो. माने बहोत सस्ती वाली घटिया बम-भोसड़ा आंटी टाइप रांड के यहाँ जाते हो ?
नटुकाका: हाँ तो सेठजी आप मेरी पगार जो नही बढाते!! जितना पगार आप देते हो, उसमे तो ये ३०० भी जेसे तेसे ही परवडते है. महीने में ४ दिन पद्मावती भोजनालय नही जाके पैसे बचाता हू, तब बजेट बेलेंस होता है. वैसे आपको चलना है तो बोलो, एकदम रापचिक आइटम भी मिलती है उधर.
जेठालाल: नही नही नटुकाका, वैसे मै एक नम्बर का ठरकी जरूर हूँ. पडोस की शादीशुदा ओरत पे नजरे भी बिगाड़ता हू, लेकिन मै अपने बापूजी का इकलौता शरीफ और इज्जतदार बेटा, और अपनी बीवी का वफादार पति हू. मुजे नही करनी रंडी-चुदाई. thanks for your offer but I'm not interested.
बाघा: वो तो अब जेसी जिसकी सोच!!
जेठालाल: क्या??? ये बाघा कब किधर से आया?
बाघा: जब आपका नटु-काका की सेक्स-पुराण सुनने में लिन थे तब. वैसे सेठजी, नटुकाका का सजेशन एकदम सही है.
जेठालाल: क्या सही सजेशन है?? ये नटुकाका मेरे वडील, मेरे पिता समान होके मुझे रंडीखाने की उल्टी पटरी पे चढा रहे है? कल उठके दया को पता चल गया तो? मेरा तो सुखी संसार ही बर्बाद हो जाएगा. और बापूजी मुझे घर से लात मारके निकाल देंगे वो अलग. नही नही ये रिक्स में नही ले सकता.
नटुकाका: सेठजी आप रणदीप हुडा की उस फ्लॉप फिल्म का टाइटल सोंग भूल गए: रिस्क ना लिया तो क्या किया?...लाखो करोडो में कोई लेता है...रिस्क!!
जेठालाल: मेरी मति मारी गयी थी जो मैंने अपनी समस्या आपको बताई. अब आप चुपचाप दूकान सम्भालिए.


आगे क्या हुआ? क्या दयाबेन जेठालाल को माफ़ कर देंगी? या कहानी में कोई ओर ट्विस्ट आएगा? बड़ी बेताबी है, कई सवाल है लेकिन एक बात तय है- आपकी हँसी और ठहाके!...तो देखते रहीए, तारक महेता का नंगा चश्मा! इस से पहेले के एपिसोड्स
Find all posts by this user
Quote this message in a reply
Post Thread Post Reply


Possibly Related Threads...
Thread: Author Replies: Views: Last Post
Wank माधवीभाभी और भिडे मास्टर का सम्भोग - तारक मेहता का नंगा चश्मा Sex-Stories 2 13,240 08-19-2012 10:15 PM
Last Post: Sex-Stories



Online porn video at mobile phone


sandra hess nakedchoot me mooli dalna sexsandra echeverría nudesirf khala ko hi chodashethani din me driver se chudai ki maja lati storydaniela denby-ashe upskirtjennie finch toplesspaoli dam sex storyanjali ki chudai mote lund seMeri gand chato beta xxx storihot Sexy Jada aaaaa huuu huuu karne wali storyma ki chudai holi ke time bus me mere samnesamara weaving nudeछोटी बहन ने सबके सामने गांड मरवाईsreya sex imagesshreya saran nude picturesMatari kamwasnaSigourney weaver nakedmaria verchenova nudecousin ko mana kar chodaWww.hindi sex story holi me ham sab milke maa ko choda.comपुष्पा भाभी की सभी सेक्स कहानियाँ वेबसाइट परamala paul naked photoschoot Mein Batega Karta Hai BF HDjungle mein jo Aadmi Aurat ko nangi Karke Kehte Hai Wo dikhao sceneबुर चुतfucking simrannancy travis nudekat graham nude fakeselise neal nudemarine hinkle nudejeniliya nudexnxx movie 4baar girne wla christa miller nip slipsusan coffey sexgaand he threadbhabhi ne dalwa liya land xvideonude priscilla barneslucia dvorska nudeeve myles nakedmercedes masohn sexmarie avgeropoulos nudemom ko hypnotize karke chodaPardosan ki brdi beti ko uske r0om m ch0daairhostes fast chut chudi ki storesmarin hinkel nudex** aunty ne chodvani Vartaprivar mai roz ganda tatty wala khana ganda khana sex storiestrain ke andar behan ki chudaikeegan connor tracy nuderochelle wiseman nakedperiods me hum dono chudehd.dhoti.utarker.american.xxxalexandra stan nudesaina nehwal armpitmeri beti puja ki frind ko god me bitha kr frok utha kar lund satayaair hostes ki bracandy dulfer nakedkis tara sex utnese sex karne ka man hotahe videoसलवार समीज पहने लडकी नगी नहातीankal ne mom ko porn chainal pe move dikha ke chodamaa beti aur beta tino sath me musterbate kiyanikki sanderson upskirtPriyamani aur uske bahumathi Ne sasur Se Kiya Chut Ki Chudaichod de sasur madechod randi bahu ko storiesanty k gar k maze anty ne chodna sikhayanew hot new maa ka doodh ka doodh done k Baad piya storykaruna ki chudaiwww.cutah se nekla pani sex.commichaela colin nudebuna.buni.ki.chudai.vedo.commallu nudecarmen serano sex